बिहार बजट 2026: 3.47 लाख करोड़ के साथ विकास की नई उड़ान, लेकिन भ्रष्टाचार का साया
नीतीश कुमार ने बनाए 3 नए विभाग, युवाओं को मिलेगी नौकरी
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: एग्जिट पोल्स में एनडीए की स्पष्ट बढ़त, महागठबंधन पिछड़ा
बिहार विधानसभा चुनाव 2025: दूसरे चरण में कल 122 सीटों पर वोटिंग, 1302 उम्मीदवारों की किस्मत दांव पर
बिहार चुनाव 2025: पहले चरण में रिकॉर्ड 64.66% वोटिंग, लोकतंत्र का ऐतिहासिक उत्सव. क्या बनीं इतनी ज्यादा वोटिंग की वजहें?
बिहार में महिलाओं का वोट बैंक सत्ता की चाबी? SIR से अनुपात गिरा, लेकिन योजनाओं से सशक्तिकरण
भोजपुरी सुपरस्टार पवन सिंह ने BJP राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में की अहम मुलाकात। राज्यसभा चुनाव 2026 से पहले यह बैठक सियासी हलचल का कारण बन गई है।
उन्होंने इस मुलाकात को शिष्टाचार भेंट बताया और राज्यसभा टिकट को लेकर किसी भी अटकल पर टिप्पणी करने से परहेज किया।
भोजपुरी सिनेमा के पावर स्टार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता पवन सिंह ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन से दिल्ली में मुलाकात की। यह बैठक राज्यसभा चुनाव 2026 को लेकर चल रही राजनीतिक गतिविधियों के बीच हुई है, जिसने सियासी गलियारों में खासी हलचल मचा दी है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा बिहार से अपने कोटे की राज्यसभा सीटों के लिए उम्मीदवारों के नाम तय करने की प्रक्रिया में है। बिहार से कुल पांच राज्यसभा सीटें खाली हो रही हैं, और पवन सिंह का नाम पार्टी की ओर से संभावित उम्मीदवारों में प्रमुखता से चर्चा में है। इसी पृष्ठभूमि में दिल्ली स्थित भाजपा मुख्यालय में पवन सिंह और नितिन नवीन के बीच करीब आधे घंटे तक बंद कमरे में बातचीत हुई।
मुलाकात के बाद मीडिया से संक्षिप्त बातचीत में पवन सिंह ने कहा, “मैं पार्टी का सिपाही हूं। मालिक जो चाहेंगे, वही होगा।” उन्होंने मुलाकात को शिष्टाचार भेंट और आशीर्वाद लेने का मौका बताया। राज्यसभा उम्मीदवारी पर किसी भी तरह की अटकल या पुष्टि से बचते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी जो दायित्व देगी, उसे वे पूरी निष्ठा से निभाएंगे।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पवन सिंह की लोकप्रियता, खासकर बिहार के ग्रामीण और भोजपुरी भाषी क्षेत्रों में उनकी मजबूत पकड़ को देखते हुए पार्टी उन्हें राज्यसभा में भेजकर युवा और सांस्कृतिक छवि को मजबूत करना चाह सकती है। बता दें कि पवन सिंह ने हाल के वर्षों में भाजपा के लिए कई चुनावी सभाओं में प्रचार किया है और पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा जाहिर की है।
हालांकि भाजपा की ओर से अभी तक राज्यसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की कोई आधिकारिक सूची जारी नहीं की गई है। पार्टी शीर्ष नेतृत्व विभिन्न नेताओं से फीडबैक ले रहा है और क्षेत्रीय संतुलन, राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अंतिम फैसला लेगा।
पवन सिंह की इस मुलाकात ने राजनीतिक हलकों में उनकी राज्यसभा दावेदारी को और मजबूती दी है। अब सभी की नजरें भाजपा की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हैं, जो आने वाले दिनों में किसी भी समय हो सकती है।