बिहार में राज्यसभा चुनाव – बीजेपी ने उपेंद्र कुशवाहा को किया ‘सेफ’

बिहार में 16 मार्च को राज्यसभा की 5 सीटों पर चुनाव में एनडीए की मजबूत स्थिति बनी हुई है। आरएलएम अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा को बीजेपी ने 'सेफ' सीट दी है - उनकी पार्टी के 4 विधायकों के अलावा बीजेपी के विधायकों का समर्थन सुनिश्चित है, जिससे उनकी जीत लगभग पक्की दिख रही है।

By : Bihar Talks | Posted On : 11-Mar-2026

एनडीए के पास कुल 202 विधायक हैं, जबकि 41 वोटों की जरूरत हर सीट के लिए।

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बिहार में 16 मार्च को राज्यसभा चुनाव होना है. खाली हुई पांच सीटों पर चुनाव होना है. चार पर एनडीए की जीत पक्की दिख रही है. लेकिन, पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है. आरजेडी की तरफ से मौजूदा सांसद अमरेंद्र धारी सिंह के फिर से मैदान में उतरने से वोटिंग से अब फैसला होगा. मौजूदा 243 सदस्यों वाली बिहार विधानसभा में एक राज्यसभा के लिए 41 विधायकों को समर्थन जरूरी है. उस लिहाज से एनडीए के लिए 205 सदस्यों को समर्थन चाहीए. अभी एनडीए विधायकों की संख्या 202 है.

इस लिहाज से पांचवें उम्मीदवार को जीत के लिए तीन विधायकों की जरूरत पड़ेगी. जेडीयू की तरफ से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर मैदान में हैं, जबकि, बीजेपी की तरफ से राट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और शिवेश राम उम्मीदवार बनाए गए हैं. आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा भी फिर से बीजेपी के समर्थन से मैदान में हैं. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, उपेंद्र कुशवाहा को जिन 41 विधायकों का वोट एलाट करने का फैसला हुआ है, उनमें उनकी पार्टी के चार विधायकों के अलावा बीजेपी के बाकी विधायक होंगे.

हो सकता है कि जीतन राम मांझी के भी पांच विधायक उपेंद्र कुशवाहा के लिए वोट करें.ऐसे में कुशवाहा को किसी तरह की कोई परेशानी नहीं दिख रही है. लेकिन, सूत्रों के मुताबिक, इस रणनीति पर भी काम हो रहा है, जिसमें चिराग पासवान की पार्टी के 19 विधायक बीजेपी के उम्मीदवार शिवेश राम के लिए वोट करें. लेकिन, घटी हुई तीन सीटों के लिए छोटे दलों के कुछ विधायकों से समर्थन की कोशिश की जा रही है. इस लिहाजा कुशवाहा सुरक्षित लग रहे हैं.

उम्मीदवार और उनकी स्थिति

एनडीए ने पांच उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि आरजेडी ने एक। नामांकन 5 मार्च को भरे गए और नाम वापसी की तिथि बीत चुकी है, इसलिए 16 मार्च को वोटिंग होगी।

एनडीए उम्मीदवार:

  • नीतीश कुमार (जेडीयू): बिहार के मुख्यमंत्री, जेडीयू राष्ट्रीय अध्यक्ष। ये उनकी पहली राज्यसभा उम्मीदवारी है (20+ साल बाद सीएम पद से दिल्ली जाने की चर्चा)।
  • रामनाथ ठाकुर (जेडीयू): केंद्रीय मंत्री, हैट्रिक की कोशिश में।
  • नितिन नवीन (बीजेपी): बिहार बीजेपी अध्यक्ष।
  • शिवेश कुमार राम (बीजेपी): पूर्व विधायक, राज्यसभा में डेब्यू की उम्मीद।
  • उपेंद्र कुशवाहा (आरएलएम): मौजूदा राज्यसभा सांसद, पूर्व केंद्रीय मंत्री। आरएलएम के राष्ट्रीय अध्यक्ष।

आरजेडी उम्मीदवार:

  • अमरेंद्र धारी सिंह (आरजेडी): मौजूदा सांसद, फिर से मैदान में। आरजेडी ने पूर्व सांसद प्रेम चंद गुप्ता को ड्रॉप किया।

उपेंद्र कुशवाहा की 'सेफ' स्थिति

सूत्रों और रिपोर्ट्स के अनुसार, उपेंद्र कुशवाहा को एनडीए ने 'सुरक्षित' माना है। उनकी पार्टी के 4 विधायक तो उनके साथ हैं ही, बीजेपी के विधायकों का एक बड़ा हिस्सा उनके लिए वोट करने वाला है। कुछ रिपोर्ट्स में कहा गया है कि जीतन राम मांझी (HAM) के 5 विधायक भी उनका समर्थन कर सकते हैं।

एनडीए की रणनीति में कुशवाहा को अलग से 41 वोट अलॉट किए गए हैं, जिसमें उनकी पार्टी के अलावा बीजेपी के विधायक शामिल हैं। इससे उनकी जीत लगभग पक्की दिख रही है। हालांकि, कुछ चर्चाओं में चिराग पासवान की एलजेपी के 19 विधायकों को शिवेश राम के लिए वोट करने की बात है, लेकिन कुल मिलाकर कुशवाहा की स्थिति मजबूत है।

एनडीए का दावा है कि छोटे दलों (जैसे एआईएमआईएम के 5, बीएसपी के 1) से समर्थन जुटाकर पांचों सीटें जीती जा सकती हैं। आरजेडी के अमरेंद्र धारी सिंह को जीत के लिए भारी क्रॉस-वोटिंग की जरूरत होगी, जो मुश्किल लग रही है।

ये चुनाव बिहार की राजनीति में एनडीए की मजबूती दिखाएंगे, खासकर 2025 विधानसभा जीत के बाद। नीतीश कुमार की राज्यसभा एंट्री से सीएम पद पर उत्तराधिकार की चर्चा भी तेज हुई है। वोटिंग 16 मार्च को होगी, और नतीजे उसी दिन शाम को आएंगे।
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