पांचवीं सीट पर 'खेला' शुरू! AIMIM ने तेजस्वी से मांगा समर्थन, क्या बिहार राज्यसभा में आने वाला है बड़ा ट्विस्ट?

बिहार राज्यसभा चुनाव 2026 में पांचवीं सीट पर सियासी ड्रामा तेज हो गया है। एनडीए के पास चार सीटें लगभग पक्की हैं, लेकिन पांचवीं सीट के लिए महागठबंधन को अतिरिक्त समर्थन चाहिए। AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान ने नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव से मुलाकात की और RJD से अपना उम्मीदवार समर्थन मांग लिया।

By : Bihar Talks | Posted On : 28-Feb-2026

AIMIM ने कहा कि पार्टी राज्यसभा में अपनी आवाज रखना चाहती है। तेजस्वी ने जीत का दावा किया है, लेकिन AIMIM का अपना कैंडिडेट उतारने का ऐलान सस्पेंस बढ़ा रहा है।

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बिहार में राज्यसभा चुनाव की तैयारी जोरों पर है। 16 मार्च 2026 को पांच सीटों के लिए मतदान होगा। ये पांच सीटें उन सदस्यों की हैं जिनका कार्यकाल 9 अप्रैल 2026 को खत्म हो रहा है, जिनमें RJD के दो, JD(U) के दो और RLM के एक सांसद शामिल हैं।

बिहार विधानसभा में कुल 243 सदस्य हैं। राज्यसभा की एक सीट जीतने के लिए कम से कम 41 विधायकों का पहली पसंद का वोट जरूरी है (यह गणित कुल सदस्यों के आधार पर तय होता है)।

2025 के विधानसभा चुनाव में सत्ताधारी एनडीए (BJP, JD(U), LJP(RV), HAM और RLM) ने भारी बहुमत हासिल किया था। एनडीए के पास अभी 202 विधायक हैं। इस मजबूत संख्या के कारण एनडीए को चार सीटें आसानी से मिलने की उम्मीद है। JD(U) अपने दो मौजूदा सांसदों—राम नाथ ठाकुर और हरिवंश नारायण सिंह—को दोबारा भेज सकता है, जबकि BJP भी दो सीटों पर मजबूत दावेदार है।

पांचवीं सीट पर मुकाबला दिलचस्प बन गया है। विपक्षी महागठबंधन (RJD, कांग्रेस, CPI(ML) Liberation, CPI(M) आदि) के पास कुल 35 विधायक हैं। RJD के पास सबसे ज्यादा 25 सीटें हैं। महागठबंधन को पांचवीं सीट जीतने के लिए अतिरिक्त समर्थन चाहिए।

यहां AIMIM (ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन) की भूमिका अहम हो गई है। असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी के पास 5 विधायक हैं, जो मुख्य रूप से मुस्लिम बहुल इलाकों से जीते हैं। इसके अलावा BSP (बहुजन समाज पार्टी) का एक विधायक सतीश कुमार सिंह (पिंटू यादव) और भारतीय समावेशी पार्टी (IIP) का एक विधायक आई.पी. गुप्ता भी निर्णायक हो सकते हैं। कुल मिलाकर ये 7 विधायक पांचवीं सीट के नतीजे तय कर सकते हैं।

AIMIM ने अपना उम्मीदवार उतारने का ऐलान कर दिया है। पार्टी के बिहार अध्यक्ष अख्तरुल इमान ने कहा है कि AIMIM अपना प्रत्याशी खड़ा करेगी और अन्य विपक्षी दलों से उसके लिए समर्थन मांगेगी। AIMIM का कहना है कि पार्टी को भी राज्यसभा में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। अगर महागठबंधन इन 5 AIMIM विधायकों और BSP के एक विधायक का पूरा समर्थन हासिल कर ले, तो ठीक 41 वोट मिल सकते हैं और पांचवीं सीट जीती जा सकती है। लेकिन AIMIM और महागठबंधन के बीच पुराने मतभेद (खासकर 2020 के चुनावों से) हैं, इसलिए एकजुट होना मुश्किल लग रहा है।

एनडीए को भी सतर्क रहना पड़ रहा है। अगर कोई क्रॉस वोटिंग हुई या छोटे दलों के कुछ विधायक अलग रुख अपनाते हैं, तो पांचवीं सीट पर भी एनडीए को फायदा हो सकता है। एनडीए के अंदर सीट बंटवारे को लेकर भी चर्चा चल रही है, लेकिन कुल मिलाकर एनडीए की स्थिति मजबूत है।

नामांकन की प्रक्रिया 26 फरवरी से शुरू हो चुकी है। नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख 5 मार्च है। नाम वापस लेने की अंतिम तिथि 9 मार्च है। मतदान 16 मार्च को होगा और उसी दिन शाम को नतीजे आएंगे (अगर जरूरत पड़ी तो)।

राजनीतिक हलकों में इन दिनों बंद कमरों में बैठकें और बातचीत का दौर जारी है। AIMIM का अंतिम फैसला क्या होगा—क्या वह महागठबंधन के साथ जाएगा, अपना उम्मीदवार अंत तक लड़ेगा, या कोई समझौता होगा—यह साफ नहीं है। आने वाले कुछ दिन इस सस्पेंस को खत्म करेंगे और तय करेंगे कि बिहार की राज्यसभा जंग में असली किंगमेकर कौन बनता है।

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