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बिहार में PDS की बड़ी सफाई: 33.25 लाख अपात्र राशन कार्डधारियों के नाम कटने की तैयारी, 4.70 लाख पहले ही हट चुके। चार पहिया गाड़ी वाले, आयकरदाता और महीनों से राशन न उठाने वालों पर सख्ती। जिला-वार लिस्ट और e-KYC डेडलाइन 28 फरवरी 2026 तक।
51 लाख मामलों की जांच पूरी हो चुकी है और शेष जांच भी पूरी की जा रही है।
बिहार में जन वितरण प्रणाली (PDS) के तहत मुफ्त/सब्सिडी वाले राशन की सूची की बड़े पैमाने पर जांच के बाद सरकार करीब 33 लाख 25 हजार राशन कार्डधारियों के नाम हटाने की प्रक्रिया आगे बढ़ा रही है। विभाग के मुताबिक करीब 4.70 लाख नाम पहले ही हटाए जा चुके हैं, जबकि बाकी नाम चरणबद्ध तरीके से हटाने के लिए जिलों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
सरकारी पक्ष यह है कि जांच में ऐसे लाभार्थी सामने आए हैं जो तय मानकों के अनुसार PDS के पात्र नहीं माने जाते, फिर भी राशन का लाभ ले रहे थे। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग/सरकार के अनुसार “अपात्र” की पहचान के लिए मुख्य मानक/संकेतों में शामिल हैं:
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री लेशी सिंह के हवाले से रिपोर्टों में कहा गया है कि उद्देश्य यह है कि सूची से अपात्र लोगों को हटाकर वास्तविक पात्र परिवारों को जोड़ा जाए, ताकि सही व्यक्ति तक लाभ पहुंचे।
जिला-वार सूची में कुछ जिलों में संख्या एक लाख से ऊपर बताई गई है। रिपोर्टेड आंकड़ों के मुताबिक:
और इसके अलावा रोहतास, कटिहार, अररिया, मधुबनी में भी एक लाख से अधिक नामों पर कार्रवाई की बात कही गई है।
रिपोर्टों के अनुसार, “संदिग्ध” सूची में आने वाले लाभार्थियों को नोटिस भेजे जा रहे हैं। जिनके जवाब/दस्तावेज संतोषजनक नहीं पाए जा रहे, उन्हें “नाम हटाने” की सूची में रखकर फेज़/चरणों में डिलीशन किया जा रहा है।